Crime News: तारुन के घूरी टीकर गांव में परिवार सहित रहता था डाक्टर उर्फ भानु 

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फाइल फोटो

Crime News: हर गतिविधि पर थी एसटीएफ की नजर, तारुन के घूरी टीकर गांव में परिवार सहित रहता था डाक्टर उर्फ भानु 

अयोध्या। जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र स्थित एमी घाट क्षेत्र में शनिवार की रात प्रयागराज एसटीएफ इकाई के साथ मुठभेड़ में ढेर एक लाख का इनामी गोरखपुर निवासी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू तारुन के घूरी टीकर गांव में पहचान छुपाकर रहता था। क्षेत्र में लोग उसको डाक्टर के नाम से जानते थे और साथ ही पत्नी और बच्चा भी रहता था। एसटीएफ को उसकी असलियत का पता चला तो एसटीएफ ने उसकी हर गतिविधि पर निगरानी बढ़ा दी। घर के बाहर सो रहे भानु प्रताप को उठाया और आपरेशन को अंजाम तक पहुंचा दिया।

मुठभेड़ की खबर फैलने के बाद गांव वालों को जानकारी हुई तो हलचल मच गई। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि पूर्वांचल का कुख्यात सुपारी किलर और लुटेरा विभिन्न जनपदों में कुल 41 मामलों का आरोपी और आजमगढ़ में दूध कारोबारी की हत्या के मामले में एक लाख रुपए का इनामी भानु प्रताप ही डाक्टर था। जो लगभग पिछले 10 माह से थाना तारुन के घूरी टीकर गांव में पहचान छुपा कर अपनी पत्नी कुसुम सिंह और अपनी छह माह बेटे के साथ रह रहा था।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि भानु प्रताप सिंह को लोग डॉक्टर के नाम से जानते थे। हालांकि वह न तो दवा इलाज करता था और न ही उसने कोई क्लिनिक खोल रखा था। उसकी पत्नी कुसुम सिंह ने ज़ीएनएम का कोर्स किया था और वह घूरी टीकर गांव में क्लिनिक चला रही थी। भानु प्रताप सिंह उर्फ डाक्टर अपनी पत्नी के क्लिनिक संचालन में सहयोग करता था। दोनों ने रहने के लिए गांव में ही एक किराए का मकान के रखा था।

आजमगढ़ जिले की रहने वाली कुसुम सिंह का कहना है कि रोज की तरह शनिवार की रात खा पीकर वह अपने बच्चे के साथ मकान के भीतर सो रही थी। जबकि उसका पति भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू उर्फ डाक्टर गर्मी के कारण घर के बाहर सोया हुआ था। उसकी मोटर साइकिल भी बाहर ही खड़ी थी। रविवार की सुबह वह सोकर उठी तो बिस्तर से पति तथा घर के बाहर से मोटर साइकिल गायब मिली। कुछ देर बाद मुठभेड़ में पति की मौत की सूचना मिली।

कुसुम सिंह का कहना है कि पिछले 10 माह से अपने पति और छ माह के बेटे के साथ इस गांव में रह रही थी। दो साल पूर्व दोनों को दोनों की मुलाकात हुई और फिर दोनों ने शादी कर ली तथा 10 माह पहले तारुन थाना क्षेत्र के घूरी टीकर गांव आ गए। एक किराए की दुकान लेकर क्लिनिक खोला और इसी से परिवार का गुजर बसर हो रहा था। एसटीएफ ने उसको मुठभेड़ दिखाकर मार डाला।


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